अखिल सिंह चंदेल की खास रिपोर्ट
हरदोई। जिला मुख्यालय का हृदय कहे जाने वाले रेलवे गंज क्षेत्र की सूरत इन दिनों बदहाल है। विकास के दावों और 'स्मार्ट' होती व्यवस्था के बीच, रेलवे गंज पुलिस चौकी के ठीक सामने का नजारा प्रशासन के मुंह पर तमाचा मार रहा है। यहाँ की मुख्य सड़कें अब राहगीरों के लिए नहीं, बल्कि अतिक्रमणकारियों के लिए 'सेफ जोन' बन गई हैं। आलम यह है कि चंद मिनटों का सफर तय करने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं।
पुलिस चौकी की नाक के नीचे 'अवैध कब्जा'
हैरानी की बात यह है कि जहाँ सुरक्षा और कानून व्यवस्था का केंद्र यानी 'पुलिस चौकी' मौजूद है, वहीं से अतिक्रमण का काला खेल शुरू होता है। सड़कों के दोनों ओर बेतरतीब तरीके से सजे ठेले, दुकानों के बाहर निकले काउंटर और अवैध रूप से खड़े वाहनों ने पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तक नहीं छोड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ जिम्मेदारों की नाक के नीचे हो रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
त्योहारों में 'नर्क' बन जाते हैं हालात
स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि सामान्य दिनों में यहाँ निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन त्योहारों के समय तो यहाँ के हालात 'नर्क' जैसे हो जाते हैं। जाम का झाम ऐसा होता है कि पैदल चलना भी दूभर है। अक्सर यहाँ एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन गाड़ियां घंटों फंसी रहती हैं। यदि इस भीड़भाड़ के बीच कोई बड़ा हादसा या आगजनी जैसी घटना हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
भ्रष्टाचार की बू या प्रशासनिक लाचारी?
एक बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अतिक्रमण फल-फूल रहा है? क्या नगर पालिका और स्थानीय पुलिस इतनी बेबस है कि मुट्ठी भर अतिक्रमणकारियों पर लगाम नहीं कस पा रही? या फिर इस 'जाम के जंक्शन' के पीछे कोई 'हफ्ता वसूली' का संगठित खेल चल रहा है?
कानूनी नजरिया (BNS का संदर्भ)
भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षा कानूनों के तहत सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करना एक अपराध है। बावजूद इसके, हरदोई की सड़कों पर कानून का डर कहीं नजर नहीं आता। प्रशासन का 'एंटी-अतिक्रमण दस्ता' केवल मुख्य सड़कों पर फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया है।
निष्कर्ष:
अब गेंद प्रशासन के पाले में है। क्या नगर पालिका और हरदोई पुलिस मिलकर इस इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे, या फिर जनता इसी तरह 'जाम के जंक्शन' में पिसती रहेगी?






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