अखिल सिंह चंदेल की रिपोर्ट
वृंदावन/मथुरा: कान्हा की नगरी वृंदावन में केशी घाट पर शुक्रवार को हुए भीषण नाव हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार शाम तक मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। प्रशासन और बचाव दल अभी भी यमुना की गहराई में लापता श्रद्धालुओं की तलाश कर रहे हैं।
ताजा घटनाक्रम: रेस्क्यू और रिकवरी
आज सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर, देवराहा बाबा घाट के पास से एक और पुरुष का शव बरामद हुआ है। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें कल शाम से ही मोर्चा संभाले हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनका इलाज शहर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। हालांकि, परिजनों के अनुसार अभी भी 5 लोग लापता हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
हादसे की मुख्य वजह: लापरवाही का सैलाब
यह हादसा उस वक्त हुआ जब पंजाब और हरियाणा से आए करीब 25-30 श्रद्धालु यमुना विहार कर रहे थे। तेज हवाओं के बीच अनियंत्रित होकर स्टीमर नाव नदी पर बने पंटून पुल (पीपों के पुल) के लोहे के ड्रमों से टकरा गई और देखते ही देखते पलट गई।
ओवरलोडिंग: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी: किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
प्रशासनिक सख्त कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नाव चालक (ऑपरेटर) पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है। उस पर लापरवाही बरतने और श्रद्धालुओं की जान जोखिम में डालने के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
खौफनाक मंजर की याद
यह हादसा बंसीवट और केशी घाट के बीच की उस जगह पर हुआ जहाँ अक्सर श्रद्धालु यमुना आरती के बाद नौका विहार के लिए जाते हैं। शनिवार को घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा और श्रद्धालुओं की आँखों में खौफ साफ नजर आया।



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