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संडीला पुलिस और SP हरदोई का बड़ा एक्शन: रसूखदारों के खिलाफ FIR दर्ज, 'बाबा के राज' में धरा रह गया सत्ता का नशा!
हरदोई।
उत्तर प्रदेश में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खौफ अब उन सफेदपोशों पर भारी पड़ने लगा है, जो नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाकर खुद को कानून से ऊपर समझते थे। ताजा मामला जिला हरदोई के सण्डीला थाना क्षेत्र का है, जहाँ रसूख की आड़ में एक परिवार की पैतृक जमीन हड़पने के लिए रची गई 'महा-साजिश' का पर्दाफाश हुआ है। संडीला पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कछौना निवासी विनय शुक्ला समेत 6 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साजिश का 'मास्टरमाइंड' और रसूख का खेल
खबरों की मानें तो इस पूरे खेल का मुख्य आरोपी विनय शुक्ला (निवासी कछौना) अक्सर भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर अपना दबदबा कायम करता था। लेकिन वह यह भूल गया कि यूपी में कानून फोटो देखकर नहीं, बल्कि अपराध देखकर चलता है। हालांकि भाजपा नेताओं का इस फर्जीवाड़े से सीधा कोई लेना-देना सामने नहीं आया है, लेकिन आरोपियों ने अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर महीनों तक FIR को टलवाए रखा। अंततः संडीला पुलिस और SP हरदोई के कड़े रुख के आगे रसूखदारों की एक न चली।
फर्जी आधार और जाली अंगूठे: ऐसे रची गई लूट की कहानी
शिकायतकर्ता देवेंद्र मिश्रा (निवासी उन्नाव) के अनुसार, आरोपियों ने उनकी माता किरण मिश्रा और बहन कीर्ति मिश्रा के नाम दर्ज गौसगंज की कीमती जमीन को हड़पने के लिए फिल्मी अंदाज में जालसाजी की।
- फर्जीवाड़ा: आरोपियों ने कूटरचित आधार कार्ड, जाली फोटो और फर्जी मुख्तारनामा तैयार किया।
- अंगूठे का खेल: असली मालिक की जगह किसी और के दस्तखत और अंगूठे लगवाकर उपनिबंधक कार्यालय सण्डीला में दो बड़े बैनामे (31 दिसंबर 2025 और 13 जनवरी 2026) रजिस्टर्ड करा लिए।
- कुल जमीन: लगभग 0.5280 हेक्टेयर कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनों के नाम करा लिया गया।
इन 6 'खिलाड़ियों' पर गिरी गाज (FIR दर्ज):
पुलिस ने देवेंद्र मिश्रा की तहरीर पर इन आरोपियों को नामजद किया है:
- विनय शुक्ला (पुत्र मुकेश कुमार शुक्ला, कछौना)
- मो. शाहिद (पुत्र अंसार खान, अब्दुलपुरवा)
- कयूम खान (पुत्र अयूब खान, बिलग्राम)
- जुबेर (पुत्र पुतन, सरायथोक)
- बेबी (पत्नी श्रीकांत, गौसगंज)
- रणवीर सिंह (पुत्र परमेश्वर दयाल, कछौना)
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल?
संडीला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(4), 338, 340(2), 352 और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। इसमें जालसाजी, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। जाँच की कमान अवर निरीक्षक रजत त्रिपाठी को सौंपी गई है।
बड़ा सवाल: 22 जनवरी को दी गई तहरीर पर 12 अप्रैल को मुकदमा दर्ज होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल तो उठाता है, लेकिन देर से ही सही, SP हरदोई के हस्तक्षेप के बाद हुई इस कार्रवाई ने पीड़ितों में उम्मीद जगाई है। अब जनता पूछ रही है— "अगर कोई आम आदमी होता तो अब तक सलाखों के पीछे होता, तो इन रसूखदारों की गिरफ्तारी कब होगी?"
अधिकारी की दहाड़ (Tagline):
"हरदोई पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। साक्ष्यों के आधार पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
— हरदोई पुलिस प्रशासन



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