Bharat ke azadi ki shuruaat kaise hui 1857 - ब्रह्मा अनुभूति

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गुरुवार, 1 अगस्त 2019

Bharat ke azadi ki shuruaat kaise hui 1857

भारत के आजादी के शुरुआत कैसे हुई

भारत के आजादी के शुरुआत कैसे हुई
1857 भारत आजादी

यह गदर मेरठ में बेरोजगार सैनिकों के विद्रोह से शुरु हुआ। उनकी बेरोजगारी का कारण वो नई कारतूस थी जो नई एनफील्ड राइफल में लगती थी। इन कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी से बना ग्रीस था जिसे सैनिक को राइफल इस्तेमाल करने की सूरत में मुंह से हटाना होता था। यह हिंदू और मुस्लिम दोनों ही धर्मों के सैनिकों को धार्मिक कारणों से मंजूर नहीं था और उन्होंने इसे इस्तेमाल करने से मना कर दिया था जिसके चलते वो बेरोजगार हो गए। 

जल्दी ही यह विद्रोह फैल गया खासकर दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों में, लेकिन यह विद्रोह असफल रहा और अंग्रेजों की सेना ने इसका जवाब लूट और हत्याएं करके दिया जिसके चलते लोग निराश हो गए। इस विद्रोह ने दिल्ली, अवध, रोहिलखंड, बुंदेलखंड, इलाहाबाद, आगरा, मेरठ और पश्चिमी बिहार को सबसे ज्यादा प्रभावित किया और यहां सबसे क्रूर लड़ाइयां लड़ी गईं। हालांकि तब भी 1857 का विद्रोह असफल कहलाया और एक साल के भीतर ही खत्म हो गया। 

भारत के आजादी के शुरुआत कैसे हुई



भारत आजादी की पूरी कहानी
लार्ड माउंटबेटन
राजा राम मोहन राय, बंकिम चंद्र और ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसे सुधारक पटल पर उभरे और उन्होंने भारतीयों के हक की लड़ाई लड़ी। उनका प्रमुख लक्ष्य एकजुट होकर विदेशी शासन के खिलाफ लड़ना था। 

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अस्तित्व में आई 


1876 में सुरेन्द्र नाथ बैनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की। इसका मुख्य लक्ष्य मध्यमवर्गीय शिक्षित नागरिकों के विचारों को आगे रखना था। 1906 में कलकत्ता में कांग्रेस के अधिवेशन में ’स्वराज’ की प्राप्ति की घोषणा की गई और इस तरह ‘स्वदेशी आंदोलन’ शुरु हुआ। 

1905 में पश्चिम बंगाल का विभाजन हुआ और देश की राजधानी कलकत्ता से बदलकर दिल्ली कर दी गई। 

इसके साथ ही ब्रिटिश सरकार भी भारतीयों के प्रयासों के विरोध में तैयारी कर रही थी जिसके नतीजतन 1909 में कई सुधारों को लागू किया गया। इन्हें मार्ले-मिंटो सुधारों के तौर पर जाना जाता है, जिनका लक्ष्य विकास करने की जगह हिंदू और मुस्लिमों में मतभेद पैदा करना था। 

जहां एक ओर सुधारवादी और क्रांतिकारी योजनाएं बना रहे थे और काम कर रहे थे वहीं दूसरी ओर पंजाब में जलियांवाला बाग नरसंहार हुआ, जहां बैसाखी मनाने के लिए लोग इकट्ठे हुए थे।


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