हरदोई से अखिल सिंह चंदेल की रिपोर्ट
संडीला औद्योगिक क्षेत्र में 15 साल पहले हुए उस भयावह गैस कांड ने आज अपनी अंतिम कानूनी मंजिल पा ली है। अपर सत्र न्यायाधीश कुसुम लता की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 'अमित हाइड्रोकेमिकल इंडिया लिमिटेड' के मालिक अमित कुमार श्रीवास्तव को 5 लोगों की मौत का जिम्मेदार मानते हुए 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। लखनऊ निवासी फैक्ट्री मालिक पर कोर्ट ने 7,52,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसकी 90 फीसदी राशि मृतकों के पीड़ित परिवारों को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।
वह काली रात जिसने उजाड़ दिए थे हंसते-खेलते परिवार
यह मामला 29 जनवरी 2011 की रात का है, जब करीब 1 बजे फैक्ट्री से अचानक जहरीली गैस का रिसाव शुरू हुआ था। गैस इतनी घातक थी कि पास ही स्थित रामा ईंट उद्योग पर सो रहे पांच लोगों—इंद्राणी, शैलेंद्र, उनकी गर्भवती पत्नी मीरा, मोलहे और श्रीराम गुप्ता की मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई थी। इस हादसे की चपेट में ड्यूटी पर तैनात सिपाही और कई अन्य ग्रामीण भी आए थे, जो लंबे समय तक गंभीर बीमारियों से जूझते रहे।
24 गवाहों की गवाही और 15 साल का लंबा संघर्ष
इंसाफ की यह डगर आसान नहीं थी। करीब डेढ़ दशक तक चली इस कानूनी लड़ाई में कुल 24 गवाहों ने कोर्ट के सामने सच्चाई रखी। अदालत ने पाया कि फैक्ट्री में सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे और प्रबंधन की घोर लापरवाही ही इस सामूहिक मौत का कारण बनी। कोर्ट ने सजा सुनाने के साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़ितों को सरकारी योजना के तहत अतिरिक्त आर्थिक मदद भी दिलाई जाए। यह फैसला संडीला के उन बेगुनाह लोगों की जीत है जिन्होंने रसूख और समय की मार के बावजूद हार नहीं मानी।



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